पति ने कर ली दूसरी शादी तो देवर ने भरी भाभी की मांग, गांव के पंचो ने रखी थी खास शर्त

By Vikash Beniwal

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विद्यापति प्रखंड क्षेत्र के एक गांव में घटी एक घटना ने सामाजिक संरचना की नई मिसाल कायम की है। एक भाई द्वारा अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ देने के बाद दूसरे भाई ने उनकी जिम्मेदारी उठाई और अंततः भाभी के साथ विवाह कर लिया।

घरेलू विवाद और पंचायत का फैसला

इस प्रकरण की शुरुआत चार साल पहले हुई थी जब पति और पत्नी के बीच घरेलू विवाद उत्पन्न हुआ। इस विवाद को सुलझाने के लिए गांव के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में एक पंचायत आयोजित की गई जिसमें दोनों पक्षों के अभिभावक भी शामिल थे। पंचायत ने शुरू में दोनों को मिलाने का प्रयास किया, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तब यह फैसला किया गया कि दोनों के बीच कोई संबंध नहीं रहेगा।

नए जीवन की शुरुआत

पति द्वारा परित्याग किए जाने के बाद महिला अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके में चली गई। इस बीच पति ने अगले वर्ष दूसरी शादी कर ली। इस स्थिति में छोटे भाई ने, जो कि महिला के देवर थे परिवार और गांव वालों की सहमति से एक बड़ा कदम उठाया। उसने न केवल भाभी और उनके बच्चों को अपने घर में शरण दी बल्कि उनसे विद्यापतिधाम मंदिर में विवाह भी कर लिया। इस अनोखे विवाह के साक्षी के रूप में वर और वधू पक्ष के परिजनों के साथ-साथ ग्रामीण भी उपस्थित थे।

सामाजिक प्रतिक्रिया और महत्व

इस घटना ने समाज में एक नई बहस को जन्म दिया है। कुछ लोग इसे अद्वितीय और साहसिक कदम के रूप में देखते हैं जबकि अन्य इसे पारंपरिक सामाजिक मूल्यों के विरुद्ध मानते हैं। हालांकि, इस घटना ने यह भी दिखाया है कि समाज में परिवर्तन संभव है और कभी-कभी यह परिवर्तन अप्रत्याशित रूप से आता है।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.