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यूपी में मौसम की मार से हुए नुकसान पर योगी सरकार ने लिया ऐक्शन, अधिकारियों को सीएम योगी ने दिए आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने हाल ही में प्रदेश में आई बेमौसम बारिश (Unseasonal Rain) और ओलावृष्टि (Hailstorm) के कारण किसानों (Farmers) की फसलों को हुए व्यापक नुकसान के मुद्दे को संज्ञान में लिया है।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने हाल ही में प्रदेश में आई बेमौसम बारिश (Unseasonal Rain) और ओलावृष्टि (Hailstorm) के कारण किसानों (Farmers) की फसलों को हुए व्यापक नुकसान के मुद्दे को संज्ञान में लिया है। इस आपदा ने कई किसानों की मेहनत को पल भर में बर्बाद कर दिया है।

इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (District Magistrates), उप जिलाधिकारी (Sub-Divisional Magistrates) और तहसीलदारों (Tehsildars) को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल मौके पर जाकर सर्वेक्षण (Survey) करें और संबंधित विभाग को विस्तृत जानकारी प्रदान करें।

क्षतिपूर्ति के लिए जोरदार कदम

इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनके नुकसान की क्षतिपूर्ति (Compensation) प्रदान करना है। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि किसानों के खातों में 24 घंटे के भीतर क्षतिपूर्ति की राशि (Compensation Amount) भेजी जानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने कठोर निर्देश जारी किए हैं और चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही (Negligence) बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई (Strict Action) की जाएगी।

व्यापक सर्वेक्षण और मुआवजे की प्रक्रिया

रिपोर्ट के अनुसार 50 जिलों में 7,000 से अधिक किसानों ने क्षतिग्रस्त फसलों के लिए मुआवजे का आवेदन (Application for Compensation) किया है। यह आंकड़ा बताता है कि नुकसान कितना व्यापक है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद नुकसान का मुआवजा न केवल बीमा कंपनियों

(Insurance Companies) से बल्कि राजस्व विभाग (Revenue Department) से भी दिया जाएगा। इसके अलावा राहत विभाग (Relief Department) ने खराब मौसम के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है और लोगों से केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की अपील की है।

इस संकट के समय में सरकार का यह कदम किसानों के लिए एक बड़ी राहत (Relief) साबित हो सकता है। हालांकि अभी भी कई चुनौतियां (Challenges) हैं जिनका सामना करना पड़ रहा है। खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए, ऐसा अनुमान है कि मुआवजे के आवेदनों में और इजाफा हो सकता है। इस समय में सरकार और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया की गति और प्रभावशीलता (Efficiency) किसानों के लिए बहुत मायने रखेगी।