भारत का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे हुआ तैयार, इन राज्यों का सफर होगा एकदम आसान

By Uggersain Sharma

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Chennai Surat Corridor : देश में तेजी से बढ़ते सड़क नेटवर्क के बीच अब भारत को उसका दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे मिलने जा रहा है। यह मेगा प्रोजेक्ट सूरत और चेन्नई को सीधे जोड़ने का काम करेगा। जहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पहले ही सुर्खियों में है, वहीं अब सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे भी कनेक्टिविटी और विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

दिल्ली-मुंबई के बाद अब सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे की बारी

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो आंशिक रूप से चालू हो चुका है, भारत का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जिसकी लंबाई लगभग 1350 किलोमीटर है। लेकिन अब इस रैंकिंग में सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है।

1271 किमी लंबाई और 18 घंटे का टारगेट

सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1271 किलोमीटर होगी। अभी सूरत से चेन्नई की दूरी करीब 1600 किलोमीटर है, जिसे तय करने में 36 घंटे तक लगते हैं। लेकिन नए एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद यह दूरी घटकर 1270 किलोमीटर और समय घटकर महज 18 घंटे रह जाएगा।

इसका अर्थ है कि यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा।

सिर्फ 2 साल में पूरा होगा निर्माण कार्य

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा निर्मित यह एक्सप्रेसवे दिसंबर 2025 तक पूरा होने की संभावना है। पीएम नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2021 में इस परियोजना का उद्घाटन किया था। फिलहाल इसका काम 4 लेन के आधार पर चल रहा है, लेकिन भविष्य में इसे 6 लेन या 8 लेन तक विस्तारित किया जाएगा।

120 KM/घंटा होगी अधिकतम गति सीमा

इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ सकेंगे। यह न केवल यात्रा को फास्ट और एफिशिएंट बनाएगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन साबित होगा।

50 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत

सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे की कुल लागत लगभग ₹50,000 करोड़ आंकी गई है। इस परियोजना को भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना देश के आर्थिक और रणनीतिक बुनियादी ढांचे का अभिन्न हिस्सा मानी जा रही है।

देश के 6 राज्यों को जोड़ेगा ये मेगा प्रोजेक्ट

यह एक्सप्रेसवे गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे 6 राज्यों से होकर गुजरेगा। यह न केवल उत्तर-दक्षिण भारत को जोड़ने का कार्य करेगा, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत बनाएगा।

महत्वपूर्ण शहर होंगे इस रूट का हिस्सा

इस एक्सप्रेसवे के रास्ते में कई प्रमुख शहर और औद्योगिक हब आएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • नासिक
  • अहमदनगर
  • सोलापुर
  • कलबुर्गी
  • कुर्नूल
  • कडपा
  • तिरुपति

ये शहर इस रूट से जुड़कर व्यापार, शिक्षा और पर्यटन के लिए और अधिक सुविधाजनक बन जाएंगे।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा

इस कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। विशेष रूप से कपड़ा, फार्मा, एग्रो और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

राष्ट्रीय महत्व की परियोजना से बदलेगा आर्थिक परिदृश्य

सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि यह दक्षिण भारत को पश्चिम भारत से सीधे जोड़ने वाला एक प्रमुख आर्थिक कॉरिडोर बनने जा रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट समय में कटौती, ईंधन की बचत, और मल्टी-स्टेट सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी।

भारतमाला परियोजना का अहम हिस्सा

यह प्रोजेक्ट भारतमाला योजना के अंतर्गत आता है, जिसका लक्ष्य है भारत के कोने-कोने को तेज, सुरक्षित और हाई-कैपेसिटी सड़कों से जोड़ना। सूरत-चेन्नई कॉरिडोर इस लक्ष्य को वास्तविकता में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Uggersain Sharma

Uggersain Sharma is a Hindi content writer from Sirsa (Haryana) with three years of experience. He specializes in local news, sports, and entertainment, adept at writing across a variety of topics, making his work versatile and engaging.