Pune Nashik Expressway : पुणे, अहिल्यानगर और नासिक के तीन जिलों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव जल्द ही सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इससे पुणे-नासिक के बीच पांच घंटे का सफर तीन घंटे का रह जाएगा। इस नए एक्सप्रेसवे की लागत 28,429 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
रेल प्रोजेक्ट अटका, लेकिन एक्सप्रेसवे को मिली रफ्तार
पुणे-नासिक सेमी-हाई स्पीड रेल परियोजना की रफ्तार धीमी हो गई है, लेकिन औद्योगिक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को लेकर सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। यह नया एक्सप्रेसवे पुणे, अहिल्यानगर और नासिक को सीधे जोड़ेगा। इससे पांच घंटे का सफर घटकर तीन घंटे में सिमट जाएगा। यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार ने पहले ही दे दी थी डिजाइन को मंजूरी
इस एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को लेकर सरकार ने फरवरी 2024 में ही इसके अंतिम डिजाइन को मंजूरी दे दी थी। इसे सूरत-चेन्नई हाईवे से जोड़ा जाएगा, जिससे न केवल महाराष्ट्र बल्कि दूसरे राज्यों के यात्रियों और कारोबारियों को भी लाभ होगा।
डीपीआर (Detailed Project Report) और फीजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुकी है। अब MSRDC (महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम) इसे अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को सौंपने की तैयारी में है।
तीन साल में बनकर तैयार हो सकता है एक्सप्रेसवे
133 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे केवल तीन वर्षों में बनकर तैयार हो सकता है। इसके लिए 1545 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे पुणे जिले के खेड़, शिरुर, अम्बेगांव और जुन्नार, अहिल्यानगर के संगमनेर और नासिक जिले से होकर गुजरेगा।
इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण शहरों में शामिल अहिल्यानगर और नासिक के लिए यह आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला प्रोजेक्ट साबित हो सकता है।
सेमी-हाई स्पीड रेल को लेकर अभी भी संशय
पुणे-नासिक के बीच प्रस्तावित सेमी-हाई स्पीड रेल योजना अभी भी कई बाधाओं में उलझी है। इस कारण इसकी अंतिम मंजूरी लटकी हुई है। ऐसे में सरकार ने अब इस औद्योगिक एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता देना शुरू किया है, जिससे व्यापार, लॉजिस्टिक्स और यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
12 फ्लाईओवर और कई इंटरचेंज होंगे एक्सप्रेसवे पर
इस नए एक्सप्रेसवे की योजना बेहद आधुनिक और व्यापक है। यहां 12 बड़े फ्लाईओवर होंगे जो नदियों और नालों के ऊपर बनेंगे। साथ ही, पुणे के चिम्बली, चाकन, पाबल और अहिल्यानगर व नासिक के राजुरी, खंडारमल, सकुर, माची, कसारे में इंटरचेंज पॉइंट्स बनाए जाएंगे, जहां से लोग एक्सप्रेसवे में प्रवेश या निकास कर सकेंगे।
शिरडी मार्ग भी जोड़ा जाएगा इस रूट से
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे को शिरडी मार्ग से भी जोड़ा जाएगा, जिससे धार्मिक और पर्यटन महत्व के इस स्थल तक पहुंच और आसान हो जाएगी। इससे टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे से अधिग्रहित भूमि पर बनेगा हाईवे?
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस प्रोजेक्ट को लेकर पिछले साल महत्वपूर्ण बैठक की थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेलवे के लिए जो जमीन अधिग्रहित की जा रही है, उसका उपयोग क्या एक्सप्रेसवे के लिए भी किया जा सकता है – इस पर रिपोर्ट तैयार की जाए।
यह प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है, और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि यह योजना सफल होती है, तो जमीन अधिग्रहण में समय और लागत दोनों की बचत होगी।
सरकारी अनुमान: 28,429 करोड़ रुपये खर्च होंगे
मुख्य अभियंता अशोक भालकर ने जानकारी दी कि सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के आदेश पहले ही दे दिए थे। उसके अनुसार, 133 किलोमीटर लंबे इस औद्योगिक एक्सप्रेसवे पर 28,429 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
अब यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। एक बार स्वीकृति मिलते ही काम की रफ्तार तेज कर दी जाएगी।
क्या-क्या होगा इस मेगा प्रोजेक्ट में खास
- एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई: 133.889 किलोमीटर
- संपर्क सड़कों की लंबाई: 57.55 किलोमीटर
- एक्सप्रेसवे की चौड़ाई: 100 मीटर
- कुल अनुमानित लागत: ₹28,429 करोड़
यह एक्सप्रेसवे केवल सड़क नहीं बल्कि महाराष्ट्र के आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर का रीढ़ बनने जा रहा है। इससे पुणे और नासिक के बीच औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक कनेक्टिविटी को नई ऊर्जा मिलेगी।















