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हरियाणा में मुफ्त में कर सकते है तीर्थ स्थलों की यात्रा, हरियाणा के इस जिलें से चलेगी पहली डायरेक्ट बस

हरियाणा सरकार ने एक नई उम्मीद की किरण जगाई है उन सभी के लिए, जो तीर्थ स्थलों की यात्रा का सपना संजोए बैठे हैं लेकिन आर्थिक बाधाओं के चलते इसे पूरा नहीं कर पाते।
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हरियाणा सरकार ने एक नई उम्मीद की किरण जगाई है उन सभी के लिए, जो तीर्थ स्थलों की यात्रा का सपना संजोए बैठे हैं लेकिन आर्थिक बाधाओं के चलते इसे पूरा नहीं कर पाते। "मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना" ऐसे ही लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।

योजना का शुभारंभ

9 मार्च को हरियाणा के फरीदाबाद से इस योजना के तहत पहली बस अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस बस को परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने हरी झंडी दिखाई। यह कदम सराहनीय है क्योंकि यह गरीब परिवारों के बुजुर्गों को उनके आराध्य देवों के दर्शन का अवसर प्रदान करता है।

लाभार्थी और उनके लिए लाभ

इस योजना का लाभ उन बुजुर्गों को मिलेगा जिनकी सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है। इसके लिए आवेदकों को अपने दस्तावेज जैसे कि इनकम सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, फैमिली आईडी आदि जमा करवाने होंगे। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद तक पहुंचे।

यात्रा में खर्चा 

सरकार ने इस योजना के तहत लाभार्थियों का 70% खर्च वहन करने का निर्णय लिया है जबकि 30% खर्च जैसे कि खाना-पीना और रात्रि ठहराव का भुगतान खुद लाभार्थियों को करना होगा। इस निर्णय से योजना के प्रति एक जिम्मेदारी की भावना भी जुड़ जाती है।

आयु सीमा 

58 साल से अधिक उम्र की महिलाओं और 60 साल से अधिक उम्र के पुरुषों को इस योजना का लाभ मिलेगा। यह सुनिश्चित करता है कि जीवन के इस पड़ाव पर जब व्यक्ति सबसे अधिक आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर होते हैं उन्हें अपने आराध्य देवों के दर्शन का सुअवसर मिल सके।

यात्रा का शेड्यूल

योजना के अनुसार बस फरीदाबाद से शुरू होकर लखनऊ पहुंचेगी, जहां रात्रि ठहराव की व्यवस्था होगी। अगले दिन, यात्री अयोध्या के लिए रवाना होंगे, जहां उन्हें भगवान श्रीराम के दर्शन का अवसर मिलेगा। इस तरह की व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करती है कि यात्री आरामदायक और सुरक्षित तरीके से तीर्थ स्थलों के दर्शन कर सकें।