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हरियाणा के इस जिले में तेज आंधी और बारिश के साथ हुई तगड़ी ओलावृष्टि, कुदरत का ये रूप देख किसानों की बढ़ी टेन्शन

हरियाणा के रेवाड़ी जिले में शुक्रवार की शाम मौसम ने अपना रुख तेजी से बदला। गांव गंगायचा जाट, बीकानेर और लिसाना में तेज आंधी के साथ-साथ बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं हुईं।
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Heavy storm and rain along with hailstorm in rewar

हरियाणा के रेवाड़ी जिले में शुक्रवार की शाम मौसम ने अपना रुख तेजी से बदला। गांव गंगायचा जाट, बीकानेर और लिसाना में तेज आंधी के साथ-साथ बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं हुईं। इस घटना से न सिर्फ लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी चिंता की लहर दौड़ गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी और पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही हरियाणा में मौसम में बदलाव के संकेत दिए थे। 28 मार्च से 31 मार्च तक प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई थी। इस बारिश ने न केवल रेवाड़ी बल्कि झज्जर में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और जल्द ही गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी इसके आगमन की संभावना है।

कृषि पर पड़ने वाला प्रभाव

इस तरह की मौसमी घटनाएँ खासकर ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं। पकी हुई फसलों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका से कृषि समुदाय में निराशा का माहौल है। ऐसी स्थितियां उनकी मेहनत पर पानी फेर सकती हैं और आर्थिक हानि का कारण बन सकती हैं।

मौसम विज्ञानी की भविष्यवाणी

मौसम विज्ञानी डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 29 मार्च से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके चलते पंजाब के मध्य में एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। इसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा, विशेषकर पंजाब से सटे हरियाणा के जिलों में इसका ज्यादा प्रभाव रहेगा। हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है।

जिले में बारिश का रिकॉर्ड

इस माह में रेवाड़ी जिले में सामान्य से 70% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जो कि एक अनोखी घटना है। IMD के मुताबिक आमतौर पर इस माह में 10.4 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस वर्ष इसी अवधि में 17.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। इससे जल संसाधनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है, मगर कृषि क्षेत्र पर इसके प्रभाव को लेकर चिंताएं बरकरार हैं।