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हरियाणा के इन जिलों में कल से 72 घंटों के लिए नेट रहेगा बंद, इन 7 जिलों में नही चलेगा कल से इंटरनेट

हरियाणा में किसानों के दिल्ली कूच (Delhi March) को लेकर उठे कदमों ने एक बार फिर से सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
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internet services will remained off in these districts

हरियाणा में किसानों के दिल्ली कूच (Delhi March) को लेकर उठे कदमों ने एक बार फिर से सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है। इस बड़े आंदोलन के मद्देनजर, हरियाणा सरकार ने प्रदेश के अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा में इंटरनेट सेवाओं (Internet Services) को बंद कर दिया है। यह कदम संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और किसान मजदूर मोर्चा समेत 26 किसान संगठनों द्वारा 13 फरवरी को दिल्ली कूच की घोषणा के बाद उठाया गया है।

इंटरनेट प्रतिबंध के पीछे का कारण

हरियाणा सरकार ने इंटरनेट बंद करने के अपने निर्णय को CID के ADGP के विश्लेषण पर आधारित बताया, जिसमें किसानों के मार्च और प्रदर्शन से उपजने वाले तनाव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका जताई गई थी। इंटरनेट के माध्यम से भ्रामक जानकारी (Misleading Information) के प्रसार की संभावना को देखते हुए, खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platforms) पर, सरकार ने यह निर्णय लिया।

दिल्ली कूच और इसके प्रभाव

संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों का यह दिल्ली कूच जिसमें पंजाब से 10 हजार ट्रैक्टर ट्रॉलियों (Tractor Trolleys) पर किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे, ने प्रशासन को विशेष अलर्ट पर ला दिया है। इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए हरियाणा और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया है। शंभू बॉर्डर, डबवाली और खनोरी बॉर्डर पर विशेष चौकसी बरती जा रही है।

आम जनता पर असर

इस घोषणा के चलते न सिर्फ प्रशासन और किसानों में तनाव का माहौल है, बल्कि आम जनता भी इस दौरान असुविधा का सामना कर रही है। इंटरनेट सेवाओं के बंद होने से लेकर धारा 144 (Section 144) के लागू होने तक, आम नागरिकों की दैनिक जिंदगी और उनके कामकाज पर भी इसका प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ रहा है।