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इन 10 जिलों में बरसात और ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी टेन्शन, तो कृषि मंत्री ने किसान भाइयों को दिया आश्वासन

पश्चिमी विक्षोब (Western Disturbance) के कारण हरियाणा में आई भारी बरसात और ओलावृष्टि (Rainfall and Hailstorm) ने कृषि समुदाय के सामने गंभीर चुनौतियाँ पेश की हैं।
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पश्चिमी विक्षोब (Western Disturbance) के कारण हरियाणा में आई भारी बरसात और ओलावृष्टि (Rainfall and Hailstorm) ने कृषि समुदाय के सामने गंभीर चुनौतियाँ पेश की हैं। रोहतक, जींद, हिसार, सिरसा और अन्य जिलों में खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलें (Wheat and Mustard Crops) बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है।

जींद और रोहतक में भारी बरसात

जींद में 100 एमएम और रोहतक में 53 एमएम बरसात (Rainfall) दर्ज की गई, जो कि इस सीजन में अभूतपूर्व है। इस भारी वर्षा ने न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाया बल्कि किसानों की आजीविका पर भी गहरा प्रभाव डाला है।

ओलावृष्टि से दोहरी मार

हिसार, भिवानी, सिरसा और दादरी सहित कई जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) ने फसलों को और भी अधिक नुकसान पहुंचाया है। इससे पहले हिसार में इस माह तीसरी बार ओले गिरे हैं, जिससे किसानों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं।

कृषि मंत्री का आश्वासन

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (JP Dalal) ने किसानों को आश्वासन दिया है कि ओलावृष्टि और बरसात से हुए नुकसान की भरपाई सरकार (Government) द्वारा की जाएगी। उन्होंने किसानों से चिंता न करने का आग्रह किया है।

तत्काल गिरदावरी की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) और अन्य विपक्षी नेताओं ने सरकार से तत्काल गिरदावरी (Immediate Survey) करवाने और नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।

पश्चिमी विक्षोब के कारण आई इस आफत ने हरियाणा के किसानों (Farmers of Haryana) के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। हालांकि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन और तत्काल गिरदावरी की मांग से किसानों को कुछ राहत की उम्मीद है। इस मुश्किल घड़ी में किसानों की मदद के लिए सरकारी प्रयास (Government Efforts) और समाज के सहयोग की अत्यंत आवश्यकता है।