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हरियाणा पशुधन प्रदर्शनी मेले मुर्रा नस्ल के भैंस और झोटे ने मचाया धमाल, कल्लो और बुर्ज खलीफा ने पशु मेले में लूटी वाहवाही

दक्षिण हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले में स्थित जांट-पाली गांव के हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित 40वीं पशुधन प्रदर्शनी (Livestock Exhibition) ने अपने अंतिम दिन एक भव्य समापन देखा।
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center of attraction murrah breed

दक्षिण हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले में स्थित जांट-पाली गांव के हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित 40वीं पशुधन प्रदर्शनी (Livestock Exhibition) ने अपने अंतिम दिन एक भव्य समापन देखा। इस अवसर पर हरियाणा की मुर्रा नस्ल (Murrah Breed)

की भैंस और झोटे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। आखिरी दिन प्रदेशभर से आए 30 हजार से अधिक पशुपालकों (Livestock Farmers) ने इस प्रदर्शनी में भाग लिया और हरियाणा की समृद्धि के प्रतीक के रूप में मुर्राह नस्ल की भैंस और झोटे को देखा।

कल्लो और रानी ने खींचा लोगों का ध्यान

मेले के आखिरी दिन विभिन्न नस्लों के पशुओं ने सभी का ध्यान खींचा। विशेष रूप से एचएफ नस्ल (HF Breed) की गाय रानी, मुर्राह अदंत वर्ग के झोटे में राजा और ऊंट फीमेल वर्ग में कल्लो की खूबसूरती ने लोगों को मोहित कर दिया। मेले में पहुंचे लोग इन पशुओं की सुंदरता और विशेषताओं को देखकर अचंभित थे।

बुर्ज खलीफा ने बनाया रिकॉर्ड

एक अन्य आकर्षण था चरखी दादरी के आशावरी निवासी ताऊ मोलड़ का घोड़ा बुर्ज खलीफा, जिसने स्टेलियन मारवाड़ी नस्ल (Marwari Breed) वर्ग में प्रदेशभर में रिकॉर्ड बनाया। इस घोड़े की ऊंचाई 70 इंच है, जो अपनी अनोखी खूबियों के लिए प्रसिद्ध है। लोग इसकी खासियतों को जानकर अत्यंत प्रभावित हुए।

प्रदेशभर से उमड़ा जनसैलाब

इस प्रदर्शनी में प्रदेशभर से आए पशुपालकों की बड़ी संख्या ने हरियाणा की इस समृद्ध पशुधन संस्कृति के प्रति उनकी गहरी रुचि और समर्पण को दर्शाया। इस आयोजन ने पशुपालन (Livestock Farming) के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव साझा करने का एक मंच प्रदान किया, जिससे पशुपालकों को अपने पशुधन की देखभाल और प्रबंधन में सुधार करने में मदद मिली।