Haryana Govt Grant : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को राज्य की ‘शानदार पंचायतों’ को दिए जाने वाले इंसेंटिव ग्रांट को दोगुना करते हुए ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 करने की घोषणा की है. यह फैसला अनुसूचित जातियों (SC) के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है.
SC/ST एक्ट की निगरानी बैठक में लिया गया निर्णय
मुख्यमंत्री सैनी राज्य स्तरीय विजिलेंस और मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के अनुपालन की समीक्षा की गई. इस दौरान विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी भी उपस्थित रहे.
सीएम ने बताया कि ‘शानदार पंचायतों’ को चयनित करने का मानदंड यह होगा कि:
- पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों के खिलाफ कोई अत्याचार न हुआ हो
- SC कंपोनेंट फंड का पूरा उपयोग हुआ हो
- नशा विरोधी अभियान चलाए गए हों
- पराली जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण रहा हो
- पीने के पानी की समस्या का समाधान किया गया हो
इसके आधार पर राज्य, जिला और उप-मंडल स्तर पर पंचायतों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
“अत्याचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”: सैनी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि SC/ST मामलों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य है. उन्होंने बताया कि हाल ही में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों में भी इसी तरह का प्रावधान है. उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों के लिए विशेष जांच अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं.
सैनी ने कहा कि 2021 से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है, खासकर अनुसूचित जाति की महिलाओं के प्रति. लूट, संपत्ति विवाद और धमकी जैसे मामलों में भी कमी आई है.
झूठी शिकायतों पर भी होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि झूठी शिकायतें करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि आपसी समझौतों की जांच होनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी समझौता दबाव या प्रलोभन के कारण नहीं हुआ.
उन्होंने ज़िला और सब-डिवीजन स्तर की बैठकों में ग्राम समाज के प्रमुख सदस्यों को शामिल करने का सुझाव दिया. सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर को SC/ST एक्ट की समीक्षा के लिए साल में कम से कम चार बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं.
आर्थिक सहायता और सामाजिक समरसता के प्रयास
सैनी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान, SC अत्याचार पीड़ितों को ₹8.84 करोड़ की राहत राशि दी गई. इसके अतिरिक्त, इंटर-कास्ट मैरिज और ‘शगुन योजना’ के तहत 1,265 लाभार्थियों को ₹31.62 करोड़ की सहायता दी गई, जिनमें 807 महिलाएं और 458 पुरुष शामिल थे.















