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हरियाणा में पशुओं की अचानक मौत होने पर सरकार देगी मुआवजा, बस मामूली से खर्चे में करवा ले ये काम

हरियाणा के पशुपालकों के लिए अच्छी खबर आयी है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन और प्रदेश सरकार के साझा कार्यक्रम के अनुसार, पशुपालक छोटे और बड़े पशुओं का 25 से 300 रूपए का प्रीमियम
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हरियाणा के पशुपालकों के लिए अच्छी खबर आयी है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन और प्रदेश सरकार के साझा कार्यक्रम के अनुसार, पशुपालक छोटे और बड़े पशुओं का 25 से 300 रूपए का प्रीमियम भुगतान कर के उनका बीमा करवा सकते है।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून ने कहा कि पशुधन बीमा योजना पशुपालकों के लिए अधिक प्रभावी हो सकती है। पशुपालक आसानी से अपने पशुओं का बीमा करवा सकते हैं और दुर्घटना होने पर बीमा राशि भी मिलती है।

बीमा दो वर्गों में होगा

नये बीमा नियमों के अनुसार पशुओं को दो प्रकार से वर्गीकरण किया गया है: बड़े और छोटे। बड़े पशुओं में गाय, भैंस, झोटा, सांड़, घोड़ा, ऊंट, खच्चर, बैल और छोटे पशुओं में भेड़, बकरी और खरगोश का बीमा कराया जा सकता है।

हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड एक साल के लिए पशुओं का बीमा करेगा. बड़े पशुओं के लिए 100 रुपये से 300 रुपये तक का प्रीमियम देकर दुग्ध और श्रेणी अनुसार बीमा होगा, जबकि छोटे पशुओं के लिए मात्र 25 रुपये का प्रीमियम देना होगा। पशुपालक चाहे तो अगले तीन साल तक का भी बीमा करवा सकते हैं।

इतनी बीमा राशि मिलेगी

डॉ. जसवंत ने बताया कि इस योजना में पशु की आकस्मिक या दुर्घटना में हुई मौत को कवर किया जायेगा। बीमा होने के 21 दिन बाद योजना लागू होगी। हलाकि पशु चोरी के मामले में कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।

उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सक की रिपोर्ट के अनुसार, बड़े पशुओं की दूध क्षमता और आयु के आधार पर 40 हजार से लेकर 90 हजार तक की मुआवजा राशि का दावा किया जा सकेगा, जबकि छोटे पशुओं या जानवरों की मौत पर 10 हजार से 20 हजार तक की मुआवजा राशि का दावा पशु चिकित्सक की रिपोर्ट के अनुसार किया जा सकेगा।

आप इस तरह से कर सकते हैं आवेदन

पशुपालक को CSC सेंटर, ई-सेवा केंद्र या सरल पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कई दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जैसे परिवार पहचान पत्र, वोटर आईडी, राशन कार्ड की कॉपी, पशु चिकित्सक से जारी पशु स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, बैंक डिटेल आदि।