Haryana Rain Forecast : हरियाणा में मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने हाल ही में राज्य के मौसम को लेकर ताजा जानकारी साझा की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में हरियाणा के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो सकती है। इसके चलते राज्य के 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस रिपोर्ट में जानिए किन जिलों में भारी बारिश की संभावना है और कब तक रहेगा मौसम का ये मिजाज।
इन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने हरियाणा के 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले कुछ दिनों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। जिन जिलों में यह अलर्ट लागू है, वे हैं:
- रोहतक
- सोनीपत
- पानीपत
- सिरसा
- फतेहाबाद
- जींद
- करनाल
- कैथल
- कुरुक्षेत्र
- यमुनानगर
- अंबाला
इन क्षेत्रों में तेज़ बारिश के साथ तेज़ हवाएं और आंधी-तूफान भी देखने को मिल सकते हैं।
कई जिलों में पहले ही शुरू हो चुकी है बारिश
सोनीपत और कुरुक्षेत्र में सुबह के समय हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटे में कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश से सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है और जनजीवन पर असर पड़ा है।
मंगलवार को 8 जिलों में हुई थी झमाझम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को हरियाणा के 8 जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई थी। इससे सड़कों पर पानी भर गया और कई जगहों पर ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ।
बारिश के चलते राज्य में तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
अब तक औसतन कितनी हुई बारिश?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस सीजन में अब तक हरियाणा में औसतन 111.1 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा सामान्य के मुकाबले संतोषजनक माना जा रहा है और कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
10 जुलाई तक मौसम कैसा रहेगा?
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 10 जुलाई तक मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।
इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। किसानों और आम जनता को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नज़र रखें और जरूरत के अनुसार सतर्कता बरतें।
बारिश से राहत भी, परेशानी भी
बारिश एक ओर जहां तापमान में गिरावट और फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर अचानक तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो रही हैं और यातायात पर असर पड़ रहा है।
शहरों में जल निकासी की स्थिति खराब होने के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिल रही है।
क्या है ऑरेंज अलर्ट का मतलब?
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ होता है संभावित खतरनाक मौसम की चेतावनी। इसका मकसद है कि लोग और प्रशासन दोनों सतर्क रहें। इस अलर्ट के दौरान:
- भारी बारिश की संभावना होती है
- सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है
- निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है
- आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं
जनता और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बेहद आवश्यक हो तभी बाहर निकलें, और जलभराव वाले इलाकों से बचें। प्रशासन को भी जल निकासी, आपदा प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण जैसे इंतजामों को समय रहते पूरा करने को कहा गया है।
कृषि के लिए अनुकूल मानी जा रही है बारिश
मौसम वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश धान की बुवाई और खरीफ फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकती है। यदि बारिश का सिलसिला स्थिर रहता है तो राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ने की संभावना है।















