PPP Update News : हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (PPP) में सुधार की प्रक्रिया को सीमित करते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य में PPP पोर्टल पर सिर्फ तीन बार ही संशोधन की अनुमति होगी। बार-बार हो रहे बदलावों और अपात्र लोगों द्वारा योजनाओं का गलत लाभ उठाए जाने के मामलों को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
बढ़ती शिकायतों ने सरकार को किया सख्त
पिछले कुछ समय से नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग पीपीपी में जानबूझकर छेड़छाड़ कर विभिन्न सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। इससे एक ओर योजनाओं की पारदर्शिता प्रभावित हो रही थी, तो दूसरी ओर बार-बार संशोधन की मांग से क्रीड के कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक बोझ भी बढ़ रहा था।
केवल तीन बार सुधार की अनुमति, फिर बंद होगा विकल्प
नई नीति के तहत अब कोई भी नागरिक अपने पीपीपी में केवल तीन बार ही बदलाव कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति तीन से अधिक बार बदलाव करने की कोशिश करेगा, तो सुधार का विकल्प अपने आप पोर्टल से हट जाएगा। इससे अनावश्यक सुधारों पर रोक लगेगी और सिस्टम अधिक सटीक तरीके से कार्य करेगा।
जरूरी दस्तावेजों की जांच होगी अनिवार्य
अब नया पीपीपी बनवाते समय या पहले से मौजूद पीपीपी में संशोधन करते समय नागरिकों को सभी आवश्यक दस्तावेजों को सही और स्पष्ट रूप से अपलोड करना होगा। इसमें आधार कार्ड, बैंक खाता, बिजली बिल, जमीन से संबंधित दस्तावेज जैसे प्रमाण शामिल हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि यदि शुरुआती चरण में ही दस्तावेज सही तरीके से प्रस्तुत किए जाएं तो भविष्य में संशोधन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सीएससी सेंटरों पर नजर, अधिक शुल्क पर होगी कार्रवाई
पीपीपी से जुड़ी सेवाएं देने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अब सरकार के निशाने पर आ गए हैं। यदि कोई CSC संचालक सरकार द्वारा तय शुल्क से अधिक वसूली करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ADC की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है जो शिकायत मिलने पर सीएससी सेंटरों पर छापा भी मार सकती है।
अपात्र लोगों को योजनाओं से बाहर रखने की कवायद
सरकार की इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तव में पात्र नागरिकों को ही योजनाओं का लाभ मिले। जिन लोगों ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर योजनाओं का फायदा उठाया है, उन्हें भविष्य में बाहर किया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल और पारदर्शिता बनी रहेगी।
नागरिकों से की गई विशेष अपील
जोनल प्रबंधक (पीपीपी) भिवानी हेमंत सैनी ने कहा कि नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे पीपीपी बनवाते समय अपने दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल करके ही फॉर्म भरें। उन्होंने कहा कि लोग बार-बार सुधार के लिए आवेदन न करें, बल्कि पहली बार में ही सटीक और पूर्ण जानकारी दें।














