एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स में मिलेगी बड़ी राहत, मात्र 15 रूपए में क्रॉस कर पाएंगे कोई भी टोल

By Uggersain Sharma

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Annual Fastag Pass Scheme : केंद्र सरकार की वार्षिक फास्टैग पास योजना (Annual Fastag Pass Scheme) से देश के किसी भी एक्सप्रेस-वे अथवा एक्सेस कंट्रोल नेशनल हाइवे को महज 15 रुपये टोल टैक्स देकर पार किया जा सकेगा। क्योंकि, वार्षिक फास्टैग पास में सड़क यात्री से टोल टैक्स दूरी के अनुपात के बजाए एक टोल प्लाजा पार करने के हिसाब से लेने का प्रावधान है। यह योजना आगामी 15 अगस्त से शुरू होने वाली है।

क्या है वार्षिक फास्टैग पास योजना?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 17 जून को वार्षिक फास्टैग पास स्कीम को लेकर अधिसूचना जारी की है। इस योजना के अंतर्गत कोई भी वाहन चालक सालाना 3000 रुपये का भुगतान करके देश के किसी भी एक्सप्रेसवे या एक्सेस कंट्रोल हाइवे पर बेहद कम फ्लैट रेट टोल देकर यात्रा कर सकेगा।

इस योजना में यह प्रावधान है कि एक्सप्रेसवे या कंट्रोल्ड हाइवे पर प्रवेश और निकास टोल प्लाजा को एक ही गेट माना जाएगा और उस पर फ्लैट रेट टोल लागू होगा।

हर टोल पर नहीं कटेगा ज्यादा पैसा

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आमतौर पर जब कोई वाहन एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करता है, तो पहले टोल गेट पर एक पर्ची दी जाती है और अंतिम निकास बिंदु पर दूरी के हिसाब से टोल काटा जाता है। लेकिन इस नई स्कीम में सिर्फ टोल गेट की संख्या के अनुसार कटौती होगी।

इस तरह अगर वाहन चालक 200 टोल प्लाजा पार करता है, तो उसे प्रत्येक टोल के लिए सिर्फ ₹15 देने होंगे। यानी कि 3000 रुपये सालाना में वह 200 टोल पार कर सकेगा, जो कि प्रति टोल मात्र ₹15 पड़ता है।

60 किलोमीटर पर एक टोल का नियम

सड़क मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में हर 60 किलोमीटर के बाद टोल प्लाजा बनाया जाता है। इस हिसाब से लंबी दूरी तय करने पर एक यात्री को कई बार टोल देना होता है, जो जेब पर भारी पड़ता है। लेकिन यह योजना लंबी दूरी के यात्रियों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है।

कौन-कौन से एक्सप्रेसवे होंगे शामिल?

सरकार की योजना के अनुसार, एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे और सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे इस वार्षिक पास योजना के दायरे में लाए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:

  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे – 1386 किमी
  • दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे – 659 किमी
  • गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे – 380 किमी
  • फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे – 31 किमी
  • आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे – 228 किमी

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे जो इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं

भविष्य में बन रहे कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं। जैसे:

  • गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे – 700 किमी
  • रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे – 719 किमी
  • अलीगढ़-पलवल एक्सप्रेसवे – 32 किमी
  • पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे – 282 किमी
  • वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे – 710 किमी

इन सभी मार्गों पर यदि यह योजना लागू होती है, तो यात्रियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा बेहद सस्ती हो जाएगी।

तकनीकी और आर्थिक चुनौतियां भी मौजूद

हालांकि योजना का उद्देश्य यात्रियों को राहत देना है, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि इसका वास्तविक कार्यान्वयन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

एनएचएआई के प्रवक्ता ने भी माना कि सिर्फ 15 रुपये में पूरा एक्सप्रेसवे पार करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उदाहरण के लिए, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल दूरी 1386 किलोमीटर है और वर्तमान में इसका टोल लगभग 500-600 रुपये पड़ता है।

योजना में बदलाव संभव, मंत्रालय कर रहा समीक्षा

इस स्कीम को लेकर मंत्रालय खुद भी संशोधन पर विचार कर रहा है। संभव है कि योजना में कुछ डिस्टेंस कैपिंग, टोल लिमिट या विशिष्ट मार्गों के लिए अलग रेट का निर्धारण किया जाए, ताकि सरकारी राजस्व पर असर न पड़े और योजना यात्रियों के लिए भी फायदेमंद बनी रहे।

कब से लागू होगी योजना?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह वार्षिक फास्टैग पास योजना 15 अगस्त 2025 से लागू की जाएगी। शुरुआत में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ एक्सप्रेसवे पर लागू किया जाएगा और प्रतिक्रिया के आधार पर इसका विस्तार किया जाएगा।

कुल मिलाकर क्या है योजना का असर?

  • देशभर में यात्रियों को मिलेगा सस्ती टोल सुविधा
  • एक्सप्रेसवे के उपयोग को मिलेगा प्रोत्साहन
  • लॉजिस्टिक्स और ईंधन की बचत
  • लंबी दूरी के चालकों को आर्थिक राहत
  • टोल प्रक्रिया में सरलता और पारदर्शिता

क्या कहती है सरकार?

सरकार का मानना है कि इससे टोल कलेक्शन में पारदर्शिता आएगी और डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह योजना देश के ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी।

Uggersain Sharma

Uggersain Sharma is a Hindi content writer from Sirsa (Haryana) with three years of experience. He specializes in local news, sports, and entertainment, adept at writing across a variety of topics, making his work versatile and engaging.