भीषण गर्मी के बीच बकरियों को गर्मी से बचाना है तो जरुर करे ये काम, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

By Vikash Beniwal

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बकरी पालन को कई बार ‘गरीबों की गाय’ कहा जाता है क्योंकि इसमें निवेश कम होता है और लाभ अधिक। आज के समय में जब छोटे और मझोले किसान अपनी आय बढ़ाने के नए तरीके खोज रहे हैं बकरी पालन उनके लिए एक सही ऑप्शन साबित हो सकता है। इसकी खासियत यह है कि किसान इसे छोटी जगह में भी कर सकते हैं और खर्च भी कम आता है।

बकरी पालन के आर्थिक लाभ

बकरी पालन को अक्सर ‘एटीएम’ के रूप में देखा जाता है क्योंकि किसान जब चाहें, तब बकरियों को बेचकर अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। यह न केवल मांस के लिए, बल्कि दूध और ऊन के उत्पादन में भी मददगार होता है। इसके अलावा, बकरी के गोबर से खाद भी बनाई जा सकती है जो कृषि के लिए उपयोगी होती है।

बकरियों की देखभाल और रख-रखाव

बकरी पालन में सफलता पाने के लिए कुछ विशेष बातों का ख्याल रखना पड़ता है। बकरियों को बीमारियों से बचाने के लिए नियमित रूप से उनकी जांच करनी चाहिए। अगर कोई बकरी बीमार लगती है, तो उसे तुरंत अलग कर देना चाहिए। इससे अन्य बकरियों को संक्रमण से बचाया जा सकता है। खासकर बरसात के मौसम में, जब बीमारियों का प्रकोप ज्यादा होता है, तब विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

बकरियों की बीमारियों से बचाव के उपाय

बकरियों को स्वस्थ रखने के लिए कृमिनाशक दवाइयों का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर तीन महीने में बकरियों को कृमि नाशक दवाई देनी चाहिए, विशेष रूप से बरसात से पहले और बाद में। इसके अलावा, बकरियों को हर चार महीने में खुजली और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाने के लिए कृमिनाशक दवा से नहलाना चाहिए। टीकाकरण भी नियमित रूप से करवाना चाहिए और इसके साथ दी गई स्वास्थ्य सलाह का पालन करना चाहिए।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.