रोड पर नही बल्कि पेट्रोल पंप पर ही कट सकता है मोटा चालान, 10 हजार के जुर्माने से बचने के लिए इन बातों का रखे ध्यान

By Vikash Beniwal

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दिल्ली में ट्रैफिक की समस्याएं और प्रदूषण एक बड़ी चुनौती हैं। सरकार और परिवहन विभाग समय-समय पर इस समस्या को कम करने के लिए नई योजनाएं और नियम लागू करते रहते हैं। हाल ही में दिल्ली परिवहन विभाग ने प्रदूषण को कम करने के लिए एक नई ट्रैफिक योजना तैयार की है। इस योजना के अंतर्गत, वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच अनिवार्य की गई है और जो वाहन प्रदूषण जांच में असफल रहेंगे उन पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्रदूषण जांच की अनिवार्यता

दिल्ली में अब प्रदूषण के खिलाफ जंग और भी मजबूत हो गई है। परिवहन विभाग ने विशेष कैमरे लगाकर इस बात की निगरानी करना शुरू कर दिया है कि कौन से वाहनों ने प्रदूषण जांच करवाई है और कौन से नहीं। इसके लिए ई-चालान प्रणाली को भी मजबूत किया गया है जिससे कि जांच न करवाने वाले वाहन मालिकों को चालान सीधे उनकी ईमेल आईडी पर भेजा जा सकता है।

पीयूसी सर्टिफिकेट की महत्वता

दिल्ली में रहने वाले नागरिकों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे अपने वाहनों की प्रदूषण जांच समय-समय पर करवाएं और प्रदूषण अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसी) बनवाएं। इस सर्टिफिकेट के बिना वाहन मालिकों को न केवल भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है बल्कि उनके वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी रद्द हो सकता है।

तकनीकी उपकरणों का उपयोग

दिल्ली सरकार ने इस नई पहल के तहत शहर भर में पेट्रोल पंपों पर विशेष कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में, 100 पेट्रोल पंपों पर ये कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे उन वाहनों के नंबर प्लेट्स को पहचानने में सक्षम होंगे जिन्होंने प्रदूषण जांच करवाई है और जिन्होंने नहीं करवाई है। इससे परिवहन विभाग को नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और साथ ही वाहन मालिकों को भी यह याद दिलाया जाएगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को न भूलें।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.