सेब की इस किस्म से किसानों की हो गई मौज, मामूली सी लागत से कर रहे है कई गुना कमाई

By Vikash Beniwal

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जहां एक तरफ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर अपने सेब के बागानों के लिए प्रसिद्ध हैं वहीं अब बिहार ने भी इस क्षेत्र में कदम रख दिया है। बिहार के औरंगाबाद जिले में किसानों ने सेब की नई किस्म ‘हरमन-99’ के बागान लगाकर एक नई पहल की है।

उद्यान विभाग की पहल

औरंगाबाद के प्रगतिशील किसान बृजकिशोर मेहता के अनुसार 2021 की शुरुआत में उद्यान विभाग द्वारा हरमन-99 सेब की किस्म के 100 पौधे सब्सिडी पर दिए गए थे। इन पौधों को विशेष देखभाल के साथ लगाया गया जिसमें गड्ढे खोदने से लेकर फफूंदनाशी दवा देने तक के कार्य शामिल थे।

नीलगाय से बचाव और सिंचाई प्रणाली

मेहता ने बताया कि उन्होंने नीलगाय के आतंक से बचने के लिए कोई खास प्रबंधन नहीं किया है क्योंकि सेब और केले के पौधे उनके लिए आकर्षक नहीं होते। उन्होंने ड्रिप इरीगेशन की व्यवस्था करके सिंचाई का प्रबंध किया है जो कि गर्मियों में हर तीन दिन में और सर्दियों में 10-15 दिनों में आवश्यक होती है।

हरमन-99 किस्म की विशेषताएं

हरमन-99 सेब की किस्म को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के किसान हरमन शर्मा द्वारा विकसित किया गया है। यह विशेष रूप से कम ठंडे क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है और समुद्र तल से 700 मीटर ऊँचाई पर भी उत्पादन कर सकती है।

सेब के बागान लगाने की उपयुक्त समयावधि और लाभ

नवंबर से फरवरी के महीने पौधे लगाने का सबसे अच्छा समय हैं। इस किस्म के सेब फूलों का उत्पादन दो वर्ष बाद शुरू करते हैं और फल अप्रैल-मई में पक कर तैयार होते हैं। मेहता ने बताया कि उनके पौधों से उन्हें पहले वर्ष में ही फल मिलने शुरू हो गए थे जिससे उन्होंने अच्छी खासी कमाई की है। अगर तैयार होने पर बाजार भाव के अनुसार बेचा जाए तो अच्छी आमदनी संभव है।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.