इन चार नस्लों की बकरी को पाल लिया तो हो सकते है मालामाल, मार्केट में इन बकरियों की सालभर रहती है डिमांड

By Vikash Beniwal

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पशुपालन क्षेत्र में एक नई प्रवृत्ति उभर रही है जहां किसान गाय और भैंस के पालन की तुलना में बकरियों के पालन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस प्रवृत्ति का कारण बकरी पालन से होने वाले अच्छे खासे मुनाफे को माना जा रहा है जो इसे एक आकर्षक व्यवसाय बना रहा है। देशभर में इस व्यवसाय का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है।

जलवायु के अनुकूल बकरी की नस्लें

देवघर के कृषि विज्ञान केंद्र में पशु विशेषज्ञ पूनम सोरेन के अनुसार झारखंड के जलवायु के अनुकूल कुछ विशेष बकरी की नस्लें हैं जिनका पालन कर किसान बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। इनमें ब्लैक बंगाल, बरबरी, जमुना परी और सिरोही शामिल हैं। ये नस्लें न केवल मांस के लिए बल्कि दूध के उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध हैं, जिससे इनकी मांग बाजार में अधिक रहती है।

बकरियों की देखभाल और स्वास्थ्य

बकरी खरीदने के बाद की देखभाल में सबसे पहले उन्हें गर्म पानी पिलाना और उचित वैक्सीनेशन कराना शामिल है। पूनम सोरेन का कहना है कि इससे पीपीआर वायरस का प्रसार रोका जा सकता है, जो बकरियों में एक आम बीमारी है। इसके अलावा, बकरियों को सही आहार और स्वच्छ पानी प्रदान करना उनके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

नस्लों की विशेषताएं और लाभ

चार प्रमुख नस्लें जैसे कि ब्लैक बंगाल, बरबरी, जमुना परी, और सिरोही के पालन में निवेश कम और लाभ अधिक है। ये बकरियां न केवल कम खर्चीली होती हैं बल्कि उनके मीट की भी बाजार में भारी मांग है। साथ ही, इन नस्लों की बकरियां साल में तीन से चार बच्चे देती हैं और अच्छी मात्रा में दूध उत्पादन करती हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होती है।

किसानों के लिए उपयुक्त आहार योजना

पशु विशेषज्ञ के अनुसार, बकरियों के लिए आहार में हरा चारा, भूसा, बाजरा आदि शामिल होना चाहिए। इससे बकरियों की सेहत अच्छी रहती है और उनका उत्पादन भी बढ़ता है।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.