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महिला ने खेती करने का बदला पुराना तरीका तो चमक उठी किस्मत, अब हर महीने हो रही है 4 लाख की कमाई

मशरूम की सब्जी स्वादिष्ट होती है। इससे पापड़, कुकीज, बड़ियां, पाउडर, मशरूम चिप्स, अचार, बिस्कुट और भी बहुत कुछ बनाया जाता है
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Mushroom Farming

मशरूम की सब्जी स्वादिष्ट होती है। इससे पापड़, कुकीज, बड़ियां, पाउडर, मशरूम चिप्स, अचार, बिस्कुट और भी बहुत कुछ बनाया जाता है । यही कारण है कि इसकी बहुत अधिक मांग होती है। बेस्ट क्वालिटी के मशरूम की कीमत 300 से 350 रुपये प्रति किलो होती है।

वहीं, प्रोसेसिंग प्रक्रिया के बाद इसकी और भी चमक बढ़ जाती है। फिर इसका मूल्य 400 रुपये प्रति किलो हो जाता है। खास बात यह है कि मशरूम की खेती पूरे साल की जा सकती है । ऐसे में किसान इसे उगाकर मालामाल सकते हैं।

महीने की चार लाख की कमाई

ऐसे में गांव की मित्तल बहन, एक महिला किसान, इन दिनों मशरूम की खेती कर रही है। वह सोलर प्लांट और नवीन तकनीक की मदद से मशरूम की खेती करती है। जिसके लिए उन्होंने 80 लाख रुपये खर्च किए है। वर्तमान में वे प्रति माह 3500 से 4000 किलोग्राम मशरूम का उदपादन करती है और और हर महीने 3 से 4 लाख रुपये तक कमाती है।

अमीरगढ़ तालुका की स्नातक महिला मित्तलबेन अमितभाई पटेल मशरूम की खेती करती हैं। महिलाओं को मशरूम की खेती से अच्छी आय मिल रही है। 5 साल पहले, उन्होंने खेती में कुछ नया करने के बारे में सोचा और भी अपने ससुर ठाकोरभाई पटेल की मदद से खेती शुरू की। उन्होंने खेत में झोपड़ी बनाकर मशरूम उगाना सीखा।

लाखों की कीमत देकर खरीद हाईटेक मशीन

फिर उन्होंने 80 लाख रुपये खर्च करके हाईटेक तकनीक वाली मशीन खरीद करके मशरूम की खेती शुरू की, इस मशीन की मदद से अब मशरुम की अच्छी पैदावार हो रही है।। पिछले दो साल से वे एसी प्लांट में मशरूम का उत्पादन कर लाखों रुपये कमा चुकी है।

इस महिला किसान ने सोलर प्लांट और अत्याधुनिक तकनीक बनाने में एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हलाकि इसके द्वारा वह हर महीने 3500 से 4000 किलोग्राम मशरूम का उत्पादन  करती है। मशरूम बेचकर किसान हर महीने 3 से 4 लाख रुपये कमा रहे हैं।

देश के हर कोने में होती है बिक्री

इस महिला किसान का परिश्रम रंग लाया है। स्थानीय स्तर पर वे मार्केटिंग करती है। फिलहाल, वे मशरूम को उड़ीसा, राजस्थान और गुजरात के हर कोने में बेचते हैं। मशरूम प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होता है, जो की हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा होता है। इसलिए मशरूम की मांग काफी अधिक होती है।

फिलहाल, इस मशरूम प्लांट की देखरेख मैनेजर नारूभाई कर रहे हैं। नारूभाई ने बताया कि उन्होंने तीन कमरे मशरूम की खेती के लिए बनाए हैं। 16 डिग्री तापमान पर ही मशरूम उगाया जाता है। मशरूम की खेती के लिए आर्द्र वातावरण बेहतर होता है  है। मशरूम की खेती जैविक खाद से की जाती है। जैविक मशरूम उगने में लगभग दो महीने लगते हैं। प्रत्येक कमरे में चार टन तक मशरूम उगाये जाते है।