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Today Garlic Price: प्याज और टमाटर के बाद सातवें आसमान पर पहुंची लहसुन की कीमतें, 1 किलो लहसुन का ताजा रेट सुनकर तो आपके दिमाग का हो जाएगा दही

Today Garlic Price: पिछले कुछ हफ्तों में टमाटर और प्याज (Tomato and Onion) के दामों में वृद्धि के बाद अब लहसुन (Garlic) की कीमतों ने भी बाजार में तहलका मचा दिया है।
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1 kg garlic price in india today

Today Garlic Price: पिछले कुछ हफ्तों में टमाटर और प्याज (Tomato and Onion) के दामों में वृद्धि के बाद अब लहसुन (Garlic) की कीमतों ने भी बाजार में तहलका मचा दिया है। थोक और खुदरा बाजार (Wholesale and Retail Market) दोनों में लहसुन की कीमतें लगभग ढाई से चार गुना तक बढ़ गई हैं।

थोक और रिटेल में दामों का अंतर

थोक में जहां लहसुन 160 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम (Wholesale Price) बिक रहा है, वहीं रिटेल बाजार में इसकी कीमत 400 से 600 रुपये किलो (Retail Price) तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी ने आम आदमी के रसोई के बजट पर भारी असर डाला है।

मौसम और आवक पर निर्भरता

टमाटर और प्याज की तरह लहसुन की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण मौसम की मार (Weather Impact) और मांग तथा आवक (Demand and Supply) में असंतुलन को माना जा रहा है। आजादपुर मंडी के आढ़ती सुशील ने बताया कि लहसुन की खपत और आवक में बड़ा अंतर है, जिससे कीमतें आसमान छू रही हैं।

आपूर्ति में कमी का प्रभाव

देश भर में लहसुन की खपत (Garlic Consumption) करीब 1 लाख कट्टा प्रतिदिन है, लेकिन आपूर्ति में कमी (Supply Shortage) के कारण यह संख्या 50 से 60 हजार कट्टा तक सीमित हो गई है। इस असंतुलन ने दामों को ऊपर धकेल दिया है।

फसल की स्थिति

पिछले वर्ष लहसुन की फसल (Garlic Crop) कम होने और नई फसल के आने तक पुरानी फसल की आपूर्ति में रुकावट के कारण मौजूदा स्थिति उत्पन्न हुई है। फरवरी के अंत तक नई फसल के आगमन (New Crop Arrival) की उम्मीद है, जिससे कीमतों में संभावित रूप से कुछ नरमी आ सकती है।

उपभोक्ताओं पर असर

इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं (Consumers) को अपने रसोई घर के खर्चों में समायोजन करने पड़ रहे हैं। दाल और सब्जियों में तड़का लगाना, जो भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है, अब महंगा पड़ रहा है।

बढ़ सकती है कीमतें

आढ़ती सुशील कुमार के अनुसार लहसुन की कीमतों में वृद्धि की वर्तमान प्रवृत्ति (Current Trend) कुछ और समय तक जारी रह सकती है। हालांकि नई फसल के आगमन के साथ बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है, जिससे कीमतों में कमी आ सकती है।