Sariya Cement Price: देशभर में निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जो लोग अपने सपनों का घर बना रहे हैं. उन्हें अब सीमेंट, रेत, सरिया और ईंट जैसी आवश्यक सामग्री महंगी दरों पर खरीदनी पड़ रही है. पिछले कुछ महीनों में सबसे अधिक महंगाई भवन निर्माण से जुड़ी इन सामग्रियों पर देखने को मिली है. जिससे घर बनाने वालों का बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
सीमेंट के बढ़ते दाम और प्रभाव
सीमेंट की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. अलग-अलग ब्रांड्स की बात करें तो ACC और अंबुजा जैसी प्रमुख कंपनियों (major cement brands) के सीमेंट की कीमतों में 30 रुपये प्रति बैग तक का अंतर देखने को मिल रहा है. जून 2024 में जहाँ ACC सीमेंट की कीमत 360 रुपये प्रति 50 किलोग्राम बैग थी. अब यह बढ़कर 380 रुपये हो गई है. इसी तरह अंबुजा और अल्ट्राटेक सीमेंट की कीमतें भी बढ़ी हैं. सीमेंट की कीमतों में यह बढ़ोतरी (cement price hike) निर्माण कार्य की लागत को बढ़ा रही है. जिससे घर बनाने वालों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है.
रेत और बदरपुर के दामों में उछाल
रेत और बदरपुर जो भवन निर्माण की प्रमुख सामग्री हैं. उनकी कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है. नदियों में खनन बंद होने से रेत की कमी (sand shortage) हो गई है. जिससे रेत के दाम 25 रुपये प्रति घन फुट से बढ़कर 30 रुपये प्रति घन फुट हो गए हैं. बदरपुर के दाम भी 8 रुपये तक बढ़ चुके हैं. जिससे निर्माण कार्य की लागत में इजाफा हुआ है. बदरपुर डस्ट की कीमतें भी 60 रुपये प्रति घन फुट तक पहुँच गई हैं. जिससे घर बनाने वाले लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है.
ईंटों की कीमतों में भी वृद्धि
ईंट की कीमतों में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है. जून में जहाँ लाल पेटी ईंट (red bricks) की कीमत 5,000 रुपये प्रति हजार थी. अब यह बढ़कर 6,000 रुपये हो गई है. इसी तरह अव्वल और टाइल्स ईंटों की कीमतों में भी 1,000 से 1,500 रुपये का अंतर आया है. ईंटों की इस महंगाई (brick price inflation) ने छोटे घर बनाने वालों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है. क्योंकि ईंटें निर्माण का एक अनिवार्य हिस्सा होती हैं.
लोहा और सरिया के बढ़ते दाम
सरिया जो घर के ढांचे की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक होता है. उसके दामों में भी बढ़ोतरी (steel price hike) दर्ज की गई है. सरिया के दाम प्रति किलोग्राम 10 रुपये तक बढ़ गए हैं. जिससे सरिया की खरीदारी करना मुश्किल हो रहा है. 12 एमएम सरिया की कीमत जहाँ पहले 47 रुपये प्रति किलोग्राम थी. अब यह बढ़कर 55 रुपये हो गई है. इस वृद्धि का सीधा असर (direct impact) घर बनाने की कुल लागत पर पड़ रहा है.
भवन निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों का असर
भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में हुई इस तेजी का असर सिर्फ घर बनाने वालों पर ही नहीं. बल्कि पूरी निर्माण इंडस्ट्री (construction industry) पर पड़ रहा है. विपिन गोयल जो इस उद्योग से जुड़े हैं का कहना है कि महंगाई के चलते निर्माण सामग्री की बिक्री पर भी असर पड़ रहा है. लोगों की क्रय शक्ति कम हो रही है. जिससे निर्माण कार्य धीमा हो गया है.














