भारत भर के करोड़ों LPG गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि एलपीजी सिलेंडरों के लिए E-KYC प्रक्रिया के लिए किसी तरह की समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिलेंडर सिर्फ वास्तविक उपभोक्ताओं को ही मिलें।
धोखाधड़ी पर नियंत्रण
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार इस पहल का मुख्य उद्देश्य फर्जी खातों को समाप्त करना और कमर्शियल सिलेंडरों की धोखाधड़ी को रोकना है। इससे उन उपभोक्ताओं पर अंकुश लगेगा जो गैर-कानूनी तरीके से सब्सिडी प्राप्त कर रहे हैं या फिर अनधिकृत रूप से सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं।
E-KYC की प्रक्रिया
पुरी ने यह भी बताया कि एलपीजी वितरण करने वाले कर्मचारी डिलीवरी के समय उपभोक्ता के क्रेडेंशियल्स की पुष्टि करते हैं। यह प्रक्रिया एक मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाती है। जहाँ उपभोक्ता के आधार कार्ड के विवरण को दर्ज किया जाता है और उपभोक्ता के फोन पर एक OTP भेजा जाता है। इस OTP का उपयोग करके ही प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाता है।
घर बैठे E-KYC कैसे करें?
उपभोक्ता Indian Oil Corporation Ltd (IOC), Hindustan Petroleum Corporation Ltd (HPCL) जैसी कंपनियों के ऐप को डाउनलोड करके घर बैठे ही E-KYC की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। यह सुविधा उन्हें किसी भी असुविधा या फर्जीवाड़े से बचाती है और साथ ही साथ उन्हें इस प्रक्रिया को अपने समयानुसार और अपनी सुविधानुसार पूरा करने का विकल्प देती है।
सरकारी तेल कंपनियों की भूमिका
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी तेल कंपनियां इस प्रक्रिया के महत्व को समझते हुए ग्राहकों को पूरी जानकारी प्रदान करने के लिए प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर रही हैं। इससे उपभोक्ताओं को यह आश्वासन मिलता है कि उन्हें इस प्रक्रिया से कोई असुविधा नहीं होगी और वे बिना किसी जल्दबाजी के इसे पूरा कर सकते हैं।
E-KYC प्रक्रिया का संचालन और उपभोक्ताओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं के माध्यम से सरकार ने एलपीजी वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने का प्रयास किया है। यह उपभोक्ताओं को न केवल धोखाधड़ी से बचाता है। बल्कि उन्हें एक विश्वसनीय और सुरक्षित सेवा की गारंटी भी देता है।















