धान की इस किस्म की रोपाई करके आप कमा सकते है अच्छा मुनाफा, बस करना होगा ये काम

By Vikash Beniwal

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भारत में मॉनसून का आगमन खरीफ की फसलों के लिए खेती की शुरुआत का संकेत है जिसमें सबसे प्रमुख है धान की खेती। इस समय किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट जाते हैं जो अच्छे उत्पादन की नींव रखती है। धान की नर्सरी तैयार करना एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें बीज की मात्रा खाद की मात्रा और नर्सरी के आकार जैसी महत्वपूर्ण चीजों का ख्याल रखा जाता है।

धान की नर्सरी की तैयारी के लिए उचित तकनीकें

धान की नर्सरी तैयार करने की प्रक्रिया में किसानों को खेत की उचित तैयारी करनी चाहिए। इसमें दो से तीन बार गहरी जुताई करने के बाद नर्सरी के लिए बेड बनाए जाते हैं जिसके आकार का ध्यान रखना चाहिए। इन बेड में पानी की उचित निकासी के लिए चारों तरफ नाली बनानी चाहिए और बेड को खेत की सतह से उच्च बनाया जाता है ताकि जलजमाव से बचा जा सके।

धान के बीज का ईलाज और रोपाई

धान की बुवाई से पहले बीज को अच्छे से भिगोकर रखना चाहिए ताकि इसका अंकुरण जल्दी हो सके। बीज की बुवाई के बाद, नर्सरी को पक्षियों से बचाने के लिए पुआल से ढक दिया जाता है। इसके अलावा, नर्सरी में सड़ी हुई गोबर खाद का भुरकाव करने से पौधे आसानी से उखड़ते हैं और उनकी तन्यता में भी सुधार होता है।

खाद का महत्व

नर्सरी तैयार करने से पहले बीजोपचार करना चाहिए जिसमें ट्राइकोडर्मा या कार्बेंडाजिम जैसे केमिकल्स का उपयोग करना शामिल है। यह कीटाणुनाशक उपचार बीज को रोगों से बचाता है और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करता है। इसके अलावा नर्सरी में खाद और उर्वरकों का सही मात्रा में उपयोग करना चाहिए जो पौधों के विकास को बढ़ावा देता है।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.