इलेक्ट्रिक कार में कितने सालों के बाद बदलवानी चाहिए बैटरी, जाने खराब होने पर बैटरी बदलवाने में कितना आता है खर्चा

By Vikash Beniwal

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भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों विशेषकर इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड इन दिनों खूब बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण संरक्षण की चिंताओं के चलते लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं। इलेक्ट्रिक कारें न केवल चलाने में सस्ती पड़ती हैं बल्कि इनमें मेंटेनेंस का खर्च भी कम होता है जिससे ये लंबे समय में और भी फायदेमंद साबित होती हैं।

इलेक्ट्रिक कारों के खरीदने की खास वजहें

बाजार में उपलब्ध अनेक विकल्पों के बीच ग्राहक विशेष तौर पर उन इलेक्ट्रिक कारों को पसंद कर रहे हैं जो उनके दैनिक उपयोग और बजट के अनुकूल होती हैं। कुछ लोग विशेष तौर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहन चुन रहे हैं क्योंकि ये पेट्रोल या डीजल की गाड़ियों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती हैं।

बैटरी की लागत और रखरखाव

इलेक्ट्रिक कारों में सबसे बड़ा खर्च बैटरी पर होता है। यह न केवल खरीद मूल्य का एक बड़ा हिस्सा है, बल्कि यदि बैटरी किसी कारण से खराब हो जाती है, तो इसकी मरम्मत या बदलवाना काफी महंगा साबित हो सकता है। इसलिए बैटरी खरीदते समय वारंटी और लाइफ साइकिल की जानकारी होना जरूरी है।

बैटरी का जीवनकाल

आमतौर पर इलेक्ट्रिक कार की बैटरी का जीवनकाल 8-10 साल का होता है। इस दौरान, बैटरी की क्षमता में धीरे-धीरे कमी आती है, जिससे कार की रेंज प्रभावित होती है। अधिकतर कंपनियां 7-8 साल की वारंटी प्रदान करती हैं, जो कि बैटरी के संभावित जीवनकाल को कवर करती है।

बैटरी बदलने का खर्च

यदि बैटरी बदलने की जरूरत पड़े, तो इसकी लागत काफी ऊंची हो सकती है। उदाहरण के तौर पर टाटा नेक्सॉन ईवी की बैटरी की कीमत कार की कुल कीमत का लगभग 60-65% हो सकता है। यह खर्च कार खरीदते समय ग्राहकों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.